Tuesday, 22 November 2016

Sunday, 20 November 2016

Meri suhaag raat =suhagraat hot chudai kahani

Meri suhaag raat =suhagraat hot chudai kahani
मेरा नाम कुनाल है। ये मेरी पहली कहानी है। आशा करता हूँ कि आपको पसंद आएगी। मेरी शादी 4 साल पहले हुई थी। जैसे कि सबको अपनी शादी का इंतज़ार रहता है और सुहागरात का, मुझे भी था। मेरी उम्र अभी 25 वर्ष है। शादी से पहले मैंने कभी किसी लड़की को चूमा तक नहीं था। सेक्स करने की तो दूर की बात है। हाँ, एक बार रंडी बाज़ार गया था, मगर वहां बिलकुल मज़ा नहीं आया। वो साली मुर्दों की तरह पड़ी रही और मैं चोदता रहा। सिर्फ 5 मिनट मैं 200 रुपये चले गए। खैर इतने सालों बाद मेरी शादी की बात घर पर चली और मैं खुश भी बहुत था। 2 महीने बाद मेरी शादी होने वाली थी। शादी से पहले मैं सिर्फ उस से फ़ोन पर पर ही बात करता था। वो मिलने की बोलती थी, मगर मिलने में मेरी गांड फटती थी। सोचता था कैसे बात करूँगा? क्यूंकि इससे पहले कभी किसी लड़की से बात तक नहीं की थी। जितनी इससे की है। मैं देखने में ठीक-ठाक ही हूँ। बस लड़की पटाना नहीं आता था। फटती थी लड़की से बात करने में। जबसे शादी पक्की हुई थी, मैंने मुठ मारना बंद कर दिया था। सोचता था हैल्थ-वेल्थ बना कर मज़े से चोदूँगा। जैसे-तैसे 2 महीने पूरे होने को आए और मेरी दिल की धड़कन भी बढ़ती जा रही थी। बस दिमाग में एक ही चीज़ घूम रही थी कि उसे चोदना है। मैंने अभी तक उसका फोटो ही देखा था। और वो काफी अच्छी लग रही थी, ठीक है। वो तो सुहागरात के दिन ही पता चलता है कि वो कैसी है। अब शादी को दो दिन बाकी थे और दोस्त समझाने में लगे थे कि ऐसा करना, वैसा करना। मैं तुझे कंडोम दे दूंगा, बस फाड़ दियो साली की। जितनी मुँह उतनी बातें। शादी के दिन मंडप में जब वो मेरे साथ बैठी थी तो मेरे दोस्त मुझे इशारे कर रहे थे। और जब मेरा हाथ उससे टच होता तो मैं कांप जाता। कसम से मेरा लंड ज्यादातर खड़ा ही रहता और मैं उसे टांगों के बीच में दबा कर रखता। ऐसा इसलिए हो रहा था, क्यूंकि मैंने २ महीने से मुठ नहीं मारी थी। जब मैं उसे विदा करा के ले जा रहा था। वो मेरे साथ कार में बगल में बैठी थी। मैं सोच रहा था, कुछ बात करूँ, मगर हिम्मत नहीं हो रही थी। मन में बस ये ही सोच रहा था कि ये वही लड़की है, जिसको मैं चोदूँगा। अगले दिन पूरे समय यही सोचता रहा कि क्या होगा क्या नहीं। पूरा दिन यही सोचता रहा। दोस्तों से भी नहीं मिला, क्यूंकि वो साले दिमाग खराब करते। मैंने कंडोम ले रखे थे। बस रात होने का इंतज़ार था। भैया-भाभी सब मुझे मुस्करा कर देख रहे थे। मैं शर्म से पानी-पानी हो रहा था। आखिर रात हो गई और मुझे नहीं पता था कि अन्दर कमरे में क्या हो रहा है? उसके साथ मेरी भाभी थी और भी लड़कियां थीं। रात के 11 बजे भाभी ने मुझे बुलाया, और कमरे में जाने का इशारा किया। मैं मुस्करा गया। मैं शर्मा भी रहा था। शायद लड़की से ज्यादा। मैंने कहा- मैं पानी पी कर आता हूँ। और भाभी ने मुझे पकड़ कर कमरे में ले गईं और कहा, “जो पीना है, अन्दर पी लेना।” और मेरे अन्दर घुसते ही दरवाज़ा बंद कर दिया। मैंने अन्दर से कुण्डी लगा ली और पर्दा भी लगा दिया। मेरा दिल जोरों से धड़क रहा था। दिमाग काम नहीं कर रहा था। क्या करूँ? और क्या नहीं?। मैं उसके पास गया और बगल में बैठ गया। मैंने उससे पूछा- तुम पानी तो नहीं लोगी। उसने ‘ना’ में सर हिला दिया। मैंने उसका घूँघट उठा दिया। कसम से गज़ब लग रही थी और मेरी हालत पतली हो गई। मेरा दिल जोरों से धड़कने लगा उसने मुस्करा कर बस गर्दन झुका ली। उसके बाद मैं कुछ बोलता उससे पहले ही उसने मुझे दूध का गिलास दे दिया, जो कि बगल में ही रखा था। शायद वो भी डर रही थी। और सोच रही थी कि क्या करूँ? मैंने गिलास ले लिया, आधा मैंने पिया और आधा उसके दे दिया। वो भी चुपचाप पी गई। अब मेरी थोड़ी हिम्मत बड़ी। मैं उस से चिपक कर बैठ गया। उसका चेहरा शर्म से लाल हो गया। मैंने उसका हाथ पकड़ा और चूम लिया। ये सब कुछ अपने आप हो रहा था। मुझे समझ में नहीं आ रहा था क्या करूँ। वो भी डर के मारे कंप रही थी। मैंने उसके गाल चूम लिए। बस वहीं जा कर मेरी हालत ख़राब हो गई। मैंने उसको पकड़ कर पलंग पर गिरा लिया। उसने कहा- गहने तो उतार लेने दो। फिर कुछ उसने और कुछ मैंने उतार दिए। इस सब में एक मिनट लगा होगा। मैंने फिर उसे पकड़ लिया और उसके गालों को चूमने लगा। मैं सब कुछ धीरे-धीरे करना चाहता था। मतलब पहले गालों को चूमना, फिर लिप्स को और उसके बाद बाकी सब कुछ। पहले तो वो चुपचाप लेटी रही। फिर कुछ देर चूमने के बाद उसे भी जोश आ गया। वो भी चूमने लगी। मेरा डर अब ख़तम हो चुका था, और मैं पूरे जोश मैं था। मैं उसके होंठ बेदर्दी से चूस रहा था और वो भी मेरा साथ दे रही थी। मैंने धीरे से उसके उभारों पर हाथ रख दिया। बस उसने चूमना बंद कर दिया और वो सिहर उठी। मैं उसे चूमता रहा। एक हाथ से उसके उभारों को दबाता रहा। अब वो बस आँखें बंद कर के मज़े ले रही थी। मेरी नज़र उसके ब्लाउज के बटनों पर थी। मैंने उसके बटन खोलना शुरू कर दिया। उसकी साँसें तेज हो गईं। ये सब कुछ मुझे पूरी तरह पागल कर रहा था। मैं पागलों की तरह उसको चूस रहा था। वो भी अब पूरी तरह उत्तेजित हो उठी थी। मैंने उसके बटन खोल दिए और उसकी ब्रा साफ़ दिख रही थी। मैंने पीछे हाथ डाला और उसकी ब्रा भी खोल दी। वो मुझसे चिपक गई। शर्म के मारे वो लाल हो रही थी। उसका ब्लाउज उतार दिया और ब्रा भी। अब उसके चूचे मेरे सामने नंगे थे। उन मस्त मुसम्मियों को देख कर, मेरी आँखें जैसे फट रही थीं। मेरा लंड खड़ा था। मैं उन रस भरे यौवन कलशों को चूसने लगा। हाय वो गोरे-गोरे बड़े-बड़े चूचे!! मेरी तो जान ही निकाल रहे थे! मेरी उत्तेजना बढ़ गई। मुझे लगा मेरा पानी न निकल जाए। इसलिए मैंने आराम से काम लिया। अपने हाथों से ही उसके संतरे दबाता रहा। वो भी पागल हो रही थी। उसकी साँसें मुझे पागल कर रही थीं। मैंने उसके पेटीकोट का नाड़ा खोल दिया और अपनी शर्ट भी उतार दी। वो मुझसे चिपक गई और पूरे शरीर पर चूमने लगी। मुझे लगा मेरा पानी निकलने वाला है। ये इसलिए हो रहा था, क्यूंकि मैंने 2 महीने से मुठ नहीं मारी थी और मेरी उत्तेजना बढ़ रही थी। खैर मैंने सब संभाल लिया और उसका पेटीकोट उतार दिया। अब वो सिर्फ चड्डी में थी। उसका दूधिया जिस्म बल्ब की रौशनी में चमक रहा था। मुझे पागल कर रहा था। मैं उसके पूरे शरीर को जहाँ-तहां चूमने लगा। मैंने अपना पैन्ट भी उतार दिया। चड्डी में मेरा खड़ा लंड देख कर वो लाल हो गई और अपनी गर्दन नीचे झुका ली। अब मैं सोच रहा था कि अपनी चड्डी पहले उतारूँ या उसकी। खैर मैंने उसकी चड्डी उतार दी। पहले तो उसने मना किया, फिर कुछ नहीं कहा। मैं उसको पूरा नंगी देख कर पागल हुआ जा रहा था, और समझ में नहीं आ रहा था कि अब क्या करूँ। मेरा लंड गीला हो चुका था और लगा जैसे मेरा पानी निकल ही जाएगा। मेरे दिमाग में एक आईडिया आया। मैंने अपनी चड्डी नहीं उतारी और उसको चूमता रहा। उसकी चूत में ऊँगली की, तो देखा उसकी चूत पूरी तरह गीली हो चुकी है। मैं उसको यहाँ-वहां चूमता रहा और मेरा पानी निकल गया। मगर मैंने उसको बताया नहीं, क्यूंकि मैं चड्डी पहना था। मैंने चड्डी उतार दी, उसकी आँखें बंद थी। उसे पता ही ना चला कि मेरा पानी निकल गया। भले ही मेरा पानी निकल गया मगर मेरा लंड 30 सेकंड बाद फिर खड़ा हो गया। अब मैं खुश था कि अब मज़े से लूँगा। अब निकलने की टेंशन ख़तम हो गई थी। मैंने कंडोम अपने लंड पर लगा लिया और नंगा उसके ऊपर आ गया और किस करने लगा। मैं उसके पूरे शरीर पर अपना शरीर रगड़ता रहा। वो तेज़-तेज़ साँसें ले रही थी और पागलों की तरह मुझे चूम रही थी। मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रख दिया। मुझे लगा चूत गीली है, इसलिए लंड आसानी से चला जाएगा। मगर नहीं गया। मैंने हल्का सा जोर लगाया, मेरे धक्के के साथ थोड़ा सा लंड अन्दर गया और वो चीख उठी। मैंने डर गया और अपना लंड बाहर निकाल लिया और पूछा- कुछ हुआ तो नहीं? इतना सब होने के बाद मैं समझ तो गया था मेरी पत्नी ये सब पहली बार कर रही है और इस बात से बेहद खुश था, सील पैक माल मिला। अब मैंने दिमाग से काम लिया और उसको बैठा दिया। उसके चूतड़ों के नीचे तकिया लगा कर लिटा दिया। जिससे मैं उसकी चूत देख सकूँ। और नीचे खड़ा हो कर उसमें अपना लंड डाल सकूं। मैंने फिर कोशिश की। अबकी बार मैंने उसके मुँह अपनी हथेली रख दी ताकि वो चीखे तो आवाज ना हो। मैंने जैसे ही लंड उसकी चूत में ड़ाला। अब मैंने कपड़े से खून साफ़ किया। वो लेटी ही रही। उसको पता ही नहीं था कि उसका खून निकल रहा है। अब मैं उसके बगल में लेट गया और फिर से उसको चूमने लगा। हम सुबह 4 बजे सोए। मैं पूरी रात उसे चोदता रहा। मैं जब सुबह करीब 7 बजे ही उठ गया। मेरी पत्नी नहाने जा चुकी थी। मेरी बाहर निकलने में गांड फट रही थी। मैं चुपचाप फ्रेश होकर बिना किसी की नज़रों में आए, बाहर चला गया और रात होने का इंतज़ार करता रहा। घर से फ़ोन आया तो बोल दिया- शाम को आऊँगा। मेरा जरा ही लंड उसकी चूत में गया था कि खून निकलने लगा। उसको ये सब पता नहीं था। उसकी आंखें बंद थीं। वो दर्द के मारे रो रही थी। उसको इस हालत में देख कर मुझे दुःख भी हो रहा था। खैर मैंने सोचा करना तो है ही, सो मैं धीरे-धीरे लगा रहा। अब उसकी आवाज बंद हो गई थी, और वो भी मज़े ले रही थी। मैंने अपना लंड थोड़ा सा और अन्दर कर दिया। उसी के साथ उसकी चीख फिर निकल गई। मैंने अपनी हाथ फिर उसके मुँह पर रख दिया और अबकी बार रुका नहीं। वो दर्द से कराह रही थी। करीब दस मिनट चोदने के बाद मेरा लंड ने पानी छोड़ दिया। मैंने उसकी चुदाई सिर्फ आधे लंड से ही की थी, क्यूंकि पूरा लंड वो शायद ही झेल पाती। पूरे लंड के लिए तो पूरी ज़िन्दगी बाकी थी।

meri chudai meri kahanikahani in hindi choda choda kar gaad far diya

meri chudai meri kahanikahani in hindi choda choda kar gaad far diya
हे फ्रेंड्स आज मै फिर आ गया आपको मेरे राजा मै तुम्हारी हु स्टोरी का अंतिम भाग लेकर आपने मेरे राजा मै तुम्हारी हु-2 में पढ़ा था….यार वो गाण्ड कभी उस पर सिर रख कर लेटता कभी उस पर चुम्मि लेता कभी हाथ से सहलाता. रागिनी – यार इतनी जोरदार चुदाई के बाद भी मन नहीं भरा क्या ?… अब आगे मेरे राजा मै तुम्हारी हु -3 लेकर अब आगे…. राज – नहीं यार तुम्हारे नितंब बहुत ही सुंदर है. बिल्कुल तुम्हारे चेहरे की तरह एक दम सॉफ. नरम तो इतनी है की हाथ हटाने का मन ही नहीं होता. थोड़ी देर आराम करने दो. रागिनी – मैं तो बस यूँ ही कह रही थी. मुझे भी ये पसंद है की कोई मेरे पीछे से ये करे. आज तो मज़ा आ गया पानी मैं. यार तुमने तो मेरी खूब चुदाई की. मुझे तो आज तक किसी ने नहीं चोदा. क्या तुम पहले भी किसी को चोद चुके हो .?. राज – कइयो को चोदा है पर तुम्हारे जैसी लड़की नहीं मिली. अब मैं सिर्फ़ तुम्हें ही चोद सकता हूँ. रागिनी – ओह हाँ मैं तो भूल ही गई अब तक तुमने गोल दूध, गुलाबी निप्पल गोरी चूत और इतनी चिकनी गाण्ड नहीं देखी. (हंसते हुए) अरे यार मौसी को भी चोदना है आपको. उनका जी भी बहुत करता है. वो एकदम जवान है. जब तुम उनको चोदोगे तो तुम्हें पता चलेगा. मेरे पीरियड्स के दिनों में वो ही तुम्हारा लंड लेगी. . राज – जैसा तुम कहो जानू. पर मुझे नहीं लगता की तुम से सुन्दर कोई और होगी हिन्दुस्तान में बल्कि दुनिया में. यार थक गया हूँ. रागिनी – लो दूध पी लो मेरे राजा. और उसने बूब की निप्पल मुंह में दे दी. मैं ज़ोर ज़ोर से चाटने लगा. थोड़ी देर बाद वो खड़ी हुई और मेरा हाथ पकड़ कर कमरे क अंदर ले गई. वहाँ सारी चीज़े पड़ी थी. उसने अपने बूब पर नाभि पर अंगूर डाल दिए और मैं खाने लगा. रागिनी – यार निप्पल मत खा जाना. ध्यान से राज. मैं और वो दोनों हंस पड़े. हमने काफ़ी सारी चीज़े खाई. सारी थकान दूर हो गई. रागिनी – राज एक बार फिर चले क्या पूल में. चुदाई बाकी ना रह जाए. राज – अभी नहीं यार. चुदाई तो अब बेड पर ही करेगे. यहाँ कल आएगे. तुम खा पी कर तैयार रहना. रागिनी – यार मैं तो उंगली ले ले कर थक चुकी थी. आज से तुम्हारा लंड ही काम में लूँगी. जो मज़ा तुमने दिया वो कभी नहीं मिला. वो बहुत ही खुश थी. उसकी आँख में चमक आने लगी. पर यार कल सुबह से लेकर 1 बजे तक तो मैं ऑफीस में जाउंगी. जो करना है आज रात कर लेना या दोपहर के बाद. राज – मुझे भी कल कॉलेज जाना है. मेरा कॉलेज यहाँ से किस तरफ है .?. मुझे 7:30 तक कॉलेज जाना है. रागिनी – यार, मैं तुम्हें गाड़ी में बिठा कर वहाँ छोड़ने जाउंगी. और जाते समय पप्पी भी दूँगी मेरे राज. . राज – पप्पी से काम नहीं चलेगा. बूब भी चूसने पड़ सकते हैं. फिर वो हँसने लगी. रागिनी – मेरे बूब तुम्हें इतने अच्छे लगते हैं .?. तो ये लो चूस लो. . उसने मेरे मुंह में अपना निप्पल दे दिया. मैं चूस रहा था. वो बातें करती जा रही थी. रागिनी – चलो यार. .चलें. वहीं नहाएगे.आप ये कहानी गुरुमास्ताराम डॉट कॉम पर पढ़ रहे है . राज – लेकिन कपड़े .?. .?. रागिनी – यार आते समय किसी ने हमें देखा था क्या .?. जो अब देखेगा. यहाँ कोई नहीं है. .चलो. . हम चल पड़े. हम दोनों ने अपने फोन लिए. राज – यार, हमारे कपड़े तो ले लें. रागिनी – रहने दो नौकरानी ले आएगी. हम नंगे ही चल पड़े. मुझे अजीब सा लग रहा था. वो मेरे आगे चल रही थी और मैं शरमाता हुआ पीछे. हाँ लेकिन चलते समय, मैंने नंगी गाण्ड पहली बार देखी थी. उफ्फ क्या दिखती है नंगी गाण्ड लड़की के चलते समय और जब वो खरबूजे जैसी गोल हो तो लंड ही फट जाए. रागिनी – यार तुम अब भी शर्मा रहे हो. मेरी इतनी चुदाई करने के बाद भी !! उसने मेरे हाथ पकड़ा और चल पड़ी. हम 20 मिनिट बाद कमरे में थे. फिर हम दोनों एक साथ नहाए. उस रात तो सेक्स नहीं किया लेकिन रात को हम नंगे सोए.आप ये कहानी गुरुमास्ताराम डॉट कॉम पर पढ़ रहे है . सेक्स तो नहीं किया पर सोते समय मैने उसके बूब चूसे. रात को नींद खुली तो देखा वो चुपचाप सो रही है. मैंने उसकी चूत में लौड़ा डाला और धीरे – धीरे धक्के मारे. सुबह वो उठ चुकी थी. उसने चाय दी. वो मेरे पास बैठी थी. मैने उसकी पप्पी ली और चाय पी. नाह कर मैं कॉलेज जाने वाला था. हम कॉलेज क पास पहुँच गये. कॉलेज खुलने में 40 मिनिट पड़े थे. उसने पप्पी दी और जाने को कहा. राज – यार, पप्पी से काम नहीं चलेगा. वो समझ गई. उसने जल्दी से नाइटी खोली. बूब मेरे सामने कर दिए. राज – तुमने ब्रा नहीं पहनी .?. .?. रागिनी – मुझे पता था, तुम बूब ज़रूर चुसोगे. अरे आज मैं शाम को तुमको एक गिफ्ट देने वाली हूँ. राज – यार, शाम को देखते हैं. टाइम तो काफ़ी पड़ा है. सिरवहाँ मेरा फ्रेंड बोला की तुम रूम में तो नहीं थे .?. राज – यार मुझे घर पर ज़रूरी काम है. मैं सामान लेकर गाँव आ गया. तेरे साथ कोई और फ्रेंड अड्जस्ट कर दूँगा. मुझे तो अब रोज़ अप डाउन करना पड़ेगा. वो मान गया. वहाँ मेरा मन नहीं लगा. दोपहर को छुट्टी होते ही मैं वापस घर पहुँच गया. मैंने देखा वहाँ उस साइड कोई नहीं जाता. वो हरी साड़ी में कयामत लग रही थी. राज – यार कॉलेज में बिल्कुल भी मन नहीं लगा. आप ये कहानी गुरुमास्ताराम डॉट कॉम पर पढ़ रहे है . सारे दिन बस तुम ही नज़र के सामने घूम रही थी. वो हँसी. रागिनी – मेरा भी यही हाल था. हम खाना खाने के बाद लेट गये. शाम को 6 बजे जागे. फिर घूमने निकल पड़े. खूब बातें हुई. फिर खाना खाया और बेड रूम में आ गये. रागिनी ने एक बॉक्स दिया. मैंने खोला तो उसमें नोकिया का नया फोन था. रागिनी – ये है तुम्हारा गिफ्ट. एक और गिफ्ट है. उसके लिए हमें चौथी मंज़िल पर जाना पड़ेगा. राज – यार तुम तो कमाल करती हो. इतना महेंगा मोबाइल मेरे लिए !!! रागिनी – प्यार मैं सब चलता है. तुम ने तो मेरा जीवन खुशी से भर दिया है. उसकी कीमत तो मैं अदा नहीं कर सकती. वो एमोशनल हो गई. मैंने उसके चहरे को चूम लिया. मुझे उस पर प्यार आ रहा था. फिर हम ऊपर जाने लगे. ऊपर गया तो देखा की च्चत पर एक बेड लगा हुआ था. उस पर गुलाब क फूल बिछे थे. बड़ी खुश्बू आ रही थी. मानो सुहाग रात की सेज हो. चाँदनी रात मज़ा लूटा रही थी. आज तो ठंड भी अपना जादू चला रही थी. हम दोनों बहुत खुश थे. रागिनी – आज मैं आपकी रानी और तुम मेरे राजा. वो मुझे बोली की तुम रूको, मैं आधे घंटे मैं आती हूँ. मैं वहाँ आराम करने लगा. 40 मिनिट बाद वो लाल जोड़े में दुल्हन की तरह सज कर आई. उसके कपड़ो में सेंट की भीनी खुश्बू आ रही थी. वो वहाँ बैठ गई. मैंने घूघाट उठाया तो एक क़यामत ढा रही थी. मैंने उसको किस कर दिया. वो शरमाने लगी. मैंने रागिनी को बेड पर लेता लिया. धीरे – धीरे उसको किस करने लगा. वो सिसकारियाँ भरने लगी. रागिनी – शादी से पहले मेरी सुहाग रात को लेकर बहुत चाह थी. सहेलियों ने जाने क्या क्या बातें बताई थी. डर तो था पर रोमांच ज़्यादा था. लेकिन मेरे पति ने सिर्फ़ मम्मे चूसे और जब चोदना चाहा तो लंड में इतना कड़ापन ही नहीं आया की चूत चोद सके.आप ये कहानी गुरुमास्ताराम डॉट कॉम पर पढ़ रहे है . दो चार दिन कोशिश के बाद तो उन्होने मम्मे चूसना भी छोड़ दिया. राज – भूल जाओ वो सब. सोचो आज ही तुम्हारी सेज सजी है. मैं अब उसके गाल चूस कर बूब चाटना चाहता था. फिर उसकी वो ड्रेस खोल दी. वो अब लाल रंग की ब्रा और लाल रंग की एक जालीदार पैंटी में थी. मैंने उसकी पीठ पर हाथ फेरना शुरू कर दिया. वो मचलने लगी. फिर मैने उसकी पैंटी में हाथ डाल दिया. वो आ आ करने लगी. अब मैं भी नंगा हो गया था. उसकी ब्रा और पैंटी खोल दी. चाँदनी रात में उसका गोरा लाल ज़िस्म संगमरर की तरह चमकने लगा. मैंने उसके माथे पर किस किया. फिर होंठ की पप्पी ली. अब उसके बूब की बारी थी. फिर उसको उल्टा कर पीठ को चाटना शुरू कर दिया. वो अया आ करने लगी. अबकी बार मैने उसके गोरे और मुलायम नितंब को चूसना शुरू किया. ना जाने उस अप्सरा की गाण्ड से मैं कितनी देर खेलता रहता लेकिन उसने पलट कर मेरा लौड़ा पकड़ लिया. फ़िर हम 69 पोज़िशन में आ गये. वो मेरा लंड चूस रही थी और मैं उसकी गुलाबी चूत. आज उसकी चूत एकदम सॉफ थी. मखमल की तरह चिकनी.आप ये कहानी गुरुमास्ताराम डॉट कॉम पर पढ़ रहे है . उसकी गाण्ड, दूध, निप्पल के बाद अब मैं आज उसकी चूत का भी दीवाना हो गया. फिर मैंने उसके बूब को चाटने लगा. उसके बाद उसकी निप्पल मेरे मुंह में आ गई. गुलाबी निप्पल को चूसने का मज़ा ही कुछ और था. मैं बदल बदल कर दोनों निप्पल को चूस रहा था. रागिनी – आज से तुम मेरे पति हो. मेरा सब तुम्हारा है. ये सुहाग रात यादगार बना दो. राज – हाँ मेरी रानी तुम सदा क लिए मेरी हो गई हो. चाँदनी रात अपने श्वाब पर थी. ठंड भी बढ़ने लगी. ठंड में सेक्स का मज़ा दुगना हो रहा था. अब मैं उसके ऊपर लेट गया. उसकी चूत में मेरा लंड समा चुका था. उसके बूब मेरे सीने से लग रहे थे. उसकी कड़क निप्पल का टच बहुत ही शानदार था. उसके होंठों को मैं चूस रहा था. मेरा सारा वेट उसके शरीर पर था. उसकी बाहें पीछे की तरफ थी. मेरी बाहें भी उसके ऊपर थी. उसकी हथेली पर मेरी हथेली थी. फिर उसने अपने हाथ क पंजे को भींचना शुरू कर दिया. आज का सेक्स अलग तरह का था. उसके होंठों में बहुत रस आ रहा था. मैं लगातार चूस रहा था. उसने अपने हाथ नीचे कर लिए. मैं अब उसे ज़ोर से चोद रहा था. वो काफ़ी खुश थी. मेरे लंड में सुन्न आ गई थी. मज़ा ही मज़ा था. रागिनी – डॉगी स्टाइल में चोदो ना. . चूत के अंदर तक लंड जाता है. आह आ आ. मैंने उसे डॉगी स्टाइल में लेकर पीछे से लंड चूत में डाल दवहाँ मेरा फ्रेंड बोला की तुम रूम में तो नहीं थे .?. राज – यार मुझे घर पर ज़रूरी काम है. मैं सामान लेकर गाँव आ गया. तेरे साथ कोई और फ्रेंड अड्जस्ट कर दूँगा. मुझे तो अब रोज़ अप डाउन करना पड़ेगा. वो मान गया. वहाँ मेरा मन नहीं लगा. दोपहर को छुट्टी होते ही मैं वापस घर पहुँच गया. मैंने देखा वहाँ उस साइड कोई नहीं जाता. वो हरी साड़ी में कयामत लग रही थी. राज – यार कॉलेज में बिल्कुल भी मन नहीं लगा. आप ये कहानी गुरुमास्ताराम डॉट कॉम पर पढ़ रहे है . सारे दिन बस तुम ही नज़र के सामने घूम रही थी. वो हँसी. रागिनी – मेरा भी यही हाल था. हम खाना खाने के बाद लेट गये. शाम को 6 बजे जागे. फिर घूमने निकल पड़े. खूब बातें हुई. फिर खाना खाया और बेड रूम में आ गये. रागिनी ने एक बॉक्स दिया. मैंने खोला तो उसमें नोकिया का नया फोन था. रागिनी – ये है तुम्हारा गिफ्ट. एक और गिफ्ट है. उसके लिए हमें चौथी मंज़िल पर जाना पड़ेगा. राज – यार तुम तो कमाल करती हो. इतना महेंगा मोबाइल मेरे लिए !!! रागिनी – प्यार मैं सब चलता है. तुम ने तो मेरा जीवन खुशी से भर दिया है. उसकी कीमत तो मैं अदा नहीं कर सकती. वो एमोशनल हो गई. मैंने उसके चहरे को चूम लिया. मुझे उस पर प्यार आ रहा था. फिर हम ऊपर जाने लगे. ऊपर गया तो देखा की च्चत पर एक बेड लगा हुआ था. उस पर गुलाब क फूल बिछे थे. बड़ी खुश्बू आ रही थी. मानो सुहाग रात की सेज हो. चाँदनी रात मज़ा लूटा रही थी. आज तो ठंड भी अपना जादू चला रही थी. हम दोनों बहुत खुश थे. रागिनी – आज मैं आपकी रानी और तुम मेरे राजा. वो मुझे बोली की तुम रूको, मैं आधे घंटे मैं आती हूँ. मैं वहाँ आराम करने लगा. 40 मिनिट बाद वो लाल जोड़े में दुल्हन की तरह सज कर आई. उसके कपड़ो में सेंट की भीनी खुश्बू आ रही थी. वो वहाँ बैठ गई. मैंने घूघाट उठाया तो एक क़यामत ढा रही थी. मैंने उसको किस कर दिया. वो शरमाने लगी. मैंने रागिनी को बेड पर लेता लिया. धीरे – धीरे उसको किस करने लगा. वो सिसकारियाँ भरने लगी. रागिनी – शादी से पहले मेरी सुहाग रात को लेकर बहुत चाह थी. सहेलियों ने जाने क्या क्या बातें बताई थी. डर तो था पर रोमांच ज़्यादा था. लेकिन मेरे पति ने सिर्फ़ मम्मे चूसे और जब चोदना चाहा तो लंड में इतना कड़ापन ही नहीं आया की चूत चोद सके.आप ये कहानी गुरुमास्ताराम डॉट कॉम पर पढ़ रहे है . दो चार दिन कोशिश के बाद तो उन्होने मम्मे चूसना भी छोड़ दिया. राज – भूल जाओ वो सब. सोचो आज ही तुम्हारी सेज सजी है. मैं अब उसके गाल चूस कर बूब चाटना चाहता था. फिर उसकी वो ड्रेस खोल दी. वो अब लाल रंग की ब्रा और लाल रंग की एक जालीदार पैंटी में थी. मैंने उसकी पीठ पर हाथ फेरना शुरू कर दिया. वो मचलने लगी. फिर मैने उसकी पैंटी में हाथ डाल दिया. वो आ आ करने लगी. अब मैं भी नंगा हो गया था. उसकी ब्रा और पैंटी खोल दी. चाँदनी रात में उसका गोरा लाल ज़िस्म संगमरर की तरह चमकने लगा. मैंने उसके माथे पर किस किया. फिर होंठ की पप्पी ली. अब उसके बूब की बारी थी. फिर उसको उल्टा कर पीठ को चाटना शुरू कर दिया. वो अया आ करने लगी. अबकी बार मैने उसके गोरे और मुलायम नितंब को चूसना शुरू किया. ना जाने उस अप्सरा की गाण्ड से मैं कितनी देर खेलता रहता लेकिन उसने पलट कर मेरा लौड़ा पकड़ लिया. फ़िर हम 69 पोज़िशन में आ गये. वो मेरा लंड चूस रही थी और मैं उसकी गुलाबी चूत. आज उसकी चूत एकदम सॉफ थी. मखमल की तरह चिकनी.आप ये कहानी गुरुमास्ताराम डॉट कॉम पर पढ़ रहे है . उसकी गाण्ड, दूध, निप्पल के बाद अब मैं आज उसकी चूत का भी दीवाना हो गया. फिर मैंने उसके बूब को चाटने लगा. उसके बाद उसकी निप्पल मेरे मुंह में आ गई. गुलाबी निप्पल को चूसने का मज़ा ही कुछ और था. मैं बदल बदल कर दोनों निप्पल को चूस रहा था. रागिनी – आज से तुम मेरे पति हो. मेरा सब तुम्हारा है. ये सुहाग रात यादगार बना दो. राज – हाँ मेरी रानी तुम सदा क लिए मेरी हो गई हो. चाँदनी रात अपने श्वाब पर थी. ठंड भी बढ़ने लगी. ठंड में सेक्स का मज़ा दुगना हो रहा था. अब मैं उसके ऊपर लेट गया. उसकी चूत में मेरा लंड समा चुका था. उसके बूब मेरे सीने से लग रहे थे. उसकी कड़क निप्पल का टच बहुत ही शानदार था. उसके होंठों को मैं चूस रहा था. मेरा सारा वेट उसके शरीर पर था. उसकी बाहें पीछे की तरफ थी. मेरी बाहें भी उसके ऊपर थी. उसकी हथेली पर मेरी हथेली थी. फिर उसने अपने हाथ क पंजे को भींचना शुरू कर दिया. आज का सेक्स अलग तरह का था. उसके होंठों में बहुत रस आ रहा था. मैं लगातार चूस रहा था. उसने अपने हाथ नीचे कर लिए. मैं अब उसे ज़ोर से चोद रहा था. वो काफ़ी खुश थी. मेरे लंड में सुन्न आ गई थी. मज़ा ही मज़ा था. रागिनी – डॉगी स्टाइल में चोदो ना. . चूत के अंदर तक लंड जाता है. आह आ आ. मैंने उसे डॉगी स्टाइल में लेकर पीछे से लंड चूत में डाल द नौकरानी ने हामी भरी और मेरी तरफ देख कर मुस्करा कर चली गई. हम खाना खाने कमरे में आ गये. राज – यार, वो नौकरानी मेरी तरफ देख कर मुस्कुरा कर क्यों गई थी .?. तुम ने निहारिक को क्यों बुलाया .?. रागिनी – यार, तुम भी ना. .वो तुम्हें मेरी जैसी अपनी सील बंद चूत गिफ्ट करेगी. . राज – रहने दो ना यार. .ये सब ठीक नहीं है. . रागिनी – सब ठीक है. . वैसे भी वो भी किसी ना किसी दूसरी जगह मरवा लेगी. . जो अच्छे पैसे दे देगे. ये लोग हमेशा ऐसा ही करती हैं. . मां बेटी जैसा कोई हिसाब किताब नहीं होता. इसकी मां तो मौसा जी से सारी रात मरवाती थी. . सारी नौकरानी तो 1000 2000 के लिए मेरे हज़्बेंड के दोस्तों से भी चुदवाती है. . और निहारिक तो बॉम्ब है. . तुम एक बार देखना. . मज़ा आ जाएगा. डरने जैसी कोई बात नहीं. इन लोगों का कोई ईमान धरम नहीं होता. इनका मज़हब सिर्फ़ पैसा होता है. हाँ निहारिक के लिए कीमत ज़रा ज़्यादा अदा करनी पड़ेगी. बस. राज – जैसी तुम्हारी मर्ज़ी. . हम खाना खा चुके थे. खाना खा कर मैं सोने चला गया. रागिनी मेरे साथ सो गई. मैं बातों बातों में उसके बूब दबा रहा था. फिर थोड़ी देर बाद, बाहर कमरे से आवाज़ आई – मैडम जी. रागिनी बाहर गई. बाहर शायद कोई आया था. रागिनी – तुम आ गई. . तुम्हें पता है ना. .साहब को खुश करना है. . बहुत पैसा दुगी मैं. .आप ये कहानी गुरुमास्ताराम डॉट कॉम पर पढ़ रहे है . निहारिक – जी मैडम. . साब को मज़ा आ जाएगा. लेकिन वो मैडम कितना मिलेगा. रागिनी – तुम बोलो. निहारिक – 10,000 चलेगा मैडम. वो क्या है ना अभी तक मेरी खुली नहीं. रागिनी – ठीक है दिए. तो कमरे में पानी लेकर जाओ. . झुक कर पानी देना साहब को. . समझ गई ना. . निहारिक ने हामी भरी और पानी लेकर अंदर चली गई. . निहारिक ने झुक कर पानी दिया. . पानी देते समय उसके गोल बूब दिख रहे थे. राज – क्या नाम है तुम्हारा. . रागिनी कहाँ है .?. निहारिक – मैडम जी तो नीचे चली गई. . मेरा नाम निहारिक है. . मैडम जी ने आपके पास भेजा है. . वो थोड़ी मुस्कुराइ. . उसने गिलास उठाया और मूड कर ग्लास रखने लगी तो उसकी गोल गोल गाण्ड दिख गई. वो तो मस्त माल थी. राज – आओ मेरे पास. वो मेरे पास आई तो मैंने बिना देर किए उसको अपनी तरफ खीच लिया और कमीज़ के ऊपर से ही उसके बूब पकड़ लिए. निहारिक – साहब आराम से. . कचनार की कली हूँ अभी. वो मुस्कराने लगी. . उसके बूब तो सलवार में जंप खा रहे थे. रीडर्स को बता दूं वो शिमला की नौकरानी की लड़की थी इसलिए उसका चित्रण अपने दिमाग़ में काली गंदी सी बाई जैसा ना बनाए. हिमालय की गोद मे बैठने वाली किसी भी वर्ग की लड़की को खूबसूरती वरदान में मिलती है. उसके बूब एक दम तीखे थे. मैंने उसके कपड़े उतार दिए. इधर वो मेरे कपड़े उतार चुकी थी. फिर मेरा लंड देख कर वो थोड़ी चिहुँक गई.आप ये कहानी गुरुमास्ताराम डॉट कॉम पर पढ़ रहे है . सॉफ लग रहा था उसने पहली बार लंड देखा था. उसकी उम्र मुश्किल से 15 या 16 साल थी. मैंने उसको पीछे से पकड़ा और उसके बूब दबाने लगा. फिर मेरा लंड उसकी गाण्ड में लग गया. वो सिसकारियाँ भरने लगी. मैं उसके बूब को दबा रहा था. उसके बूब सुंदर थे पर रागिनी जैसे नहीं. वो भी पहाड़ी थी पर निप्पल हल्के गुलाबी की जगह डार्क गुलाबी थे. उतने छोटे भी नहीं थे. रागिनी के निप्पल अगर अनार के दाने थे तो उसके अंगूर के. दूध गोल ज़रूर थे पर रागिनी जैसी गोलाई दूर दूर तक नहीं थी. हाँ रंग गोरा होने के साथ साथ लाल ज़रूर था. खैर, वो लड़की थी और उसके पास चूत थी. सबसे बड़ी बात सील बंद. तो दोस्तों कैसी लगी मेरी सच्ची स्टोरी मजा आया तो कमेंट करना ना भूले |

Saturday, 19 November 2016

Bhabhi ki hot sexy chudai sexy in hindi

Bhabhi ki hot sexy chudai sexy in hindi
Ye sex story meri bhabhi ke saath sex ki hai.aaj main bataunga kaise chupke chupke apni bhabhi ko choda. nanga kar ke bhabhi ki chut ko chata aur gand me ungli ghusa ke piseche bhabhi ki chut me lund dala aur jor jor se bhabhi ko choda.kaise chupke chupke bathroom me bhabhi ne mujhse chudwaya.Meri family me mumymaa papa bhaiya Bhabi main aur ek behan jis ki shadi hogai hai. Papa sarkari job me hai aur bhai ek private company me kam krte hain bhai ki 3 mahine pahle he shadi hui thi bhai din ko kam per jate aur sham ko ghar ate the meri Bhabi G ka naam irum hai wo dekhne me boht he sexy fair colour aur fig 28 36 28 hai.Bhabi G ate he ghar me chha gain mumy papa aur sub ghar walo ka boht khayal rakhti thi me jb bhi unko dekhta to sochta bhai kitne lucky hain jo har rat Bhabi G ko chodte honge.Me aur Bhabi G boht jald frenk hogae hasi mazak krte aur apni batain share krte. main bhi Bhabi G se kaafi majak kiya karta tha.

Ek din Bhabi G apne kamre se makeup kar ke badi hi ban than ke nikli main uss samay tv dekh rha tha to Bhabi G aain aur kaha devar ji me kaise lag rhi hon Bhabi G ne blue shalwar kamez pehan rakhi thi maine kaha sach btaon mind to nai karogi unho ne kaha nahi to maine kaha boht sexy lag rhi ho Bhabi G sharma gain aur kaha dhat bdmash kahi ke aur muskrate huey chali gain me unko chodna chahta tha lakin kbi kehni ki himat nai hui.Lakin mera ye sapna pora hoga kbi socha b na tha aik din me college se ghar aya to dekha ghar wale sub kahin jane ko tayar the Bhabi G bhi.Pochne pe pata chala ke hamare gaon me meri mami ki tbiyat bohat nazuk hai aur papa aur bhaiya ne 10 dino ke liye chhuti ley li thi maine studies ki waja se jane se inkar kar diya.ye sex kahani newhindisexstory.com par paad rahe hai.To dicide hua ki Bhabi G hi yaha rukegi. To mumi aur papa ne Bhabi G se kaha bahu phr ap b ruk jao apke devar ko khana bana ke daine ke lia aur ghar ka be khayal rakhna bhaiya ne b agree kiya to Bhabi G khushi 2 man gain.Bhaiya wale car me beth k chale gay aur hum 2no yani me aur Bhabi G ghar pe rhe.4 din yunhi guzar gaye maine mehsos kiya Bhabi G kuch udas rehne lagi thi.Panchve din me college se ghar aya Bhabi G muje khana de kar nahane chali gai.Phir jaake maine khana khaya aur kamre me aa kar bed pe let gaya. Bhabi G thori dair me aain unho ne pink shalwar kamez pehn rakhi thi aur kafi pyari lag rhi thi maine kaha ao Bhabi G wo andar ate he door ko lock kiya muje ajeb laga lakin maine ignore kiya.Wo akar bed pe beth gain me leta hua tha aur hum batain kar rhe the phr Bhabi G b mery 7 lait gai muje Bhabi G ki neyat pe shak hone laga Bhabi G ne mere sene pe hath rakha to meri heart beat taiz ho gai maine kaha Bhabi G ye ap kya kar rhi ho ap meri Bhabi G ho to unho ne kaha me janti ho k tm muje chodna chahte ho lakin aj me khud tmse chudne I hun.Me bohat pyasi hun muje chod do plz.

Me andar he andar boht khush ho rha tha Bhabi G muj se lipat gai aur mere hönto ko chusne lagi me b pagalo ki tarha unke gulabi honto ko chusne laga maine jaldi se apne sare kapre utare aur nanga ho gaya aur me 7.5 lund ful tight hogaya Bhabi G ne apni kamez utari to maine jhat se unka nara khench liya aur shalwar ko utar phenka ab wo sirf black bra aur panty me thi maine unko b utar phenka aur Bhabi G ke upar char gaya aur unke lips neck aur pore jisam ko chumne aur chatne laga phr maine Bhabi G ke mume ko mun me leliya aur chusne laga Bhabi G tarap uthi aur siskariya bharne lagi ummm aaaaa haaaaan zor se choso jan phr maine Bhabi G ki tango ko phailaya unki chikni saf aur gulabi chut dekh ke mere mou me pani agaya maine josh me aa kar unki chot ko chom liya aur hath se sehlane laga aur Bhabi G mery lund ko sehlane lagi Bhabi G ne kahaAb dal b do plz to maine apna lun unki chut pe rakha aur ragarne laga,ye sex kahani newhindisexstory.com par paad rahe hai. Bhabi G tarpne lagi plz muje chodo me pyasi hun plz devar ji maine Bhabi G ki chut ki hole pe lun rakha aur kandho ko kas ke pakar ke zor dar dhaka mara to mera adha lun andar ghus gaya to Bha

Raksha Bandhan ke din bhai ne bahen ko choda

Raksha Bandhan ke din bhai ne bahen ko choda

Ye bhai behan ki chudai kahani rakhi ke din behan ki chudai ki hai.bhai ne apni randi behan ki chut me lund dala aur chod chod kar behan ko pregnant bana diya.meri ek behen hai jo us time 19 ki thi. Wo bohot khubsurat thi, Aur meri mom siliguri gai thi mama ko rakhi bandhne aur mere papa kolkata gae the bua ko rakhi bandhne.Mere ghar mai sirf mai aur meri behen thhi. Mai naha kar aya aur meri behen puja ki thal la kar rakhi bandhi aur mujhe mitthai Khilai tab aur mai usay cadboury celeb. Gift dya tab meri nazar uske gore gore boobs par gai aur mera Lauda khara hogaya. Mai usko bola puja aaj raat ka khana sham mai bana lena. Wo boli thik hai.


Mai jab bahar se sham mai ghar aya to bola chalo puja hm log khana kha lete hai. Wo boli bhaiya aaj itni jaldi kyu mai bola kuch nahi aaj jaldi sone ka dil kar raha hai. Tb hi hmlog khana kha kar sone chale gaye. Kuch der baad wo mere room ka darwaza knock karne lagi. Mai utth kar darwaza khola to wo Maxi mai sexy lag rahi thi. Mai bola kya hua? Wo boli bhai hmko dar lag rha h akele sone mai aaj mom nahi hai.
ye kahani aap hindisexkikahani.com paar paad rahe hai.Mai bola koi baat nahi aaj mere paas so jao wo boli 1 bed par? mai bola ha toh? Chalo ab so jao aur hm dono 1 sath let gaye. Kuch der baad wo so gai. Mai aaj bohot khus thha ghar mai koi nai tha aur jiska mai kabse talash kar raha tha aaj wo mere pas thi.Mai uska mexy dheere dheere niche se upar uttha rha thha. Uska gora gora jang dekh kar mai pagal hogaya. Aur ahista ahista pura upar uttha diya ab uska panty kholna baki thha. Mai jaise hi uske boobs(doodh) mai hath lagaya toh woh jaag gai. Boli bhaiya aap kya kar rhe hai?? Mai apki behen hu aur apne to ab bhi mera pavitra dhaga bandh rakha hai.Apne mujhe nanga kyu kya?? Mai bola dekho puja tmhe pata ye sab karne mai kitna maza ata hai? Wo boli nahi to bas tm wo krti jao jo mai karta hu. Wo boli nahi mai apka baat nahi manungi aap bohot gande ho aur mujhe aapke paas nahi sona.Mai apne kamre mai soungi bhale koi chor akar mujhe chode lekin mai apne bhai se chuduaungi. Maine uska hath pakra aur niche patak kar uske dono legs par apna gutthna rakkha aur dono hatho se uska hath pakar rakkha aur usko bolo sali itne din tu mere baap ka khai aur tu dosre se chudwaegi ruk tu. Tab mai ne uska maxi phara. Aur wo apni panty kas kar pakar li aur mai uske hath mai dant kat kar apna 9? ka Lauda uske boor(boor) mai ghusaya tab hi wo kas kar chillai. . Nahhhiiii. Bhaiiiyyyyyaaaa. Aaaaaaaahhh.

Bohot dard ho raha hai. Utne mai uske boor se khoon nikalne laga aur mai thoda dar gaya lekin uske gore boor k samne wo lal khoon k bajaye apple ka juice lag raha thha aur mai usse chatne laga aur kas kar dhakke marne laga. Wo rone lagi. Phir mai uska boobs chusne laga aur dhakke marne laga kuch der baad puja chup ho gai ab usse v maza aa raha thha.ye kahani aap hindisexkikahani.com paar paad rahe hai.Aur mai uske gulabi hont ko chumne laga aur wo mujhe french kiss karne lagi. Phir mai apna Lauda uske muh mai ghusaya to wo boli bhaiya isse pehle pochho khoon laga hua hai. Mai bola ye tera hi ab jaldi muh mai daal. Aur wo apne muh mai daal li mera Lauda itna bada tha k pura ghur nahi raha tha.Mai ek jor ka jhatka mara to mera Lauda puja ki gale k 1 nali mai atak gaya aur phas gaya tha. Aur puja chhat pata rahi thi phir mai apna Lauda nikala. Aur usko ulta ghumne ko kaha wo boli ab kya karoge. Mai bola tum chup chap ulta ghumo. Aur mai behan ki gand me apna Lauda ghusaya toh woh utth kar baith gai. Uska pichhe ka chhed bohot chhota thha islye kai baar kosis karne par v nahi ghusa. Wo boli bhai mere chut me lund ghusao na bohot maza ata hai. Mai bola abhi kafi der hogaya hai agar mera cream tumhar boor mai raha to tum pregnent ho jaogi. Wo boli thoda marlo jab nikalne wala rahega to bahar kar lena.Mai bola thik hai. Aur behan ki dono jang ko mai apne kandhe mai rakkha aur ghusana suru kar dya wo boli mera boobs chuso na mai. Jaban se chatne laga. Kuch der baad mai apna Lauda uske boor se nikal lya aur uske muh